कम्प्यूटर अवधारणा प्लस पाठ्यक्रम (सीसीसी प्लस)

उद्देश्य:

यह एक सर्टिफिकेट स्तर का पाठ्यक्रम है जिसका लक्ष्य सरकारी क्षेत्र में प्रवेश करने वाले/कार्यरत कार्मिकों को महत्वपूर्ण कुशलता सेट में समर्थ बनाना है जो सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में निरन्तर परिवर्तनशील परिदृश्य का मुकाबला करने के लिए जरूरी है। पाठ्यक्रम को इस प्रकार तैयार किया गया है कि यह किसी व्यक्ति को कुशलता सेट में न केवल शिक्षित करे बल्कि गतिशील सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में नए परिवर्तनों को आसानी से समझ सकने की उसकी क्षमता में भी अभिवृद्धि हो। इस पाठ्यक्रम का लक्ष्य जनसामान्य, विद्यार्थियों, व्यावसायिक क्षेत्र में मध्यम स्तर के कर्मचारियों की कुशलता का विकास करना है। इस पाठ्यक्रम को किसी व्यक्ति की कुशलता को पुनः तैयार करने तथा प्रौद्योगिकीय प्रगति के एक आदर्श पाठ्यक्रम के रूप में भी देखा जा सकता है। इस पाठ्यक्रम को पूरा कर लेने के उपरान्त संबंधित व्यक्ति से यह अपेक्षा की जाती है कि वह न केवल कार्यालय स्वचालन की कुशलता से समर्थ होगा बल्कि उसमें अद्यतन प्रौद्योगिकियों तथा ई-शासन अनुप्रयोगों को भी समझने की क्षमता बढ़ेगी।

वित्तीय साक्षरता का माड्यूल व्यक्तियों को विभिन्न वित्तीय सेवाओं को समझने में सक्षम बनाएगा तथा वे भारत सरकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।

अवधि :

126 घंटे (6 घंटे प्रति दिन की दर से 21 दिन – पूर्णकालीन अथवा 3 घंटे प्रतिदिन की दर से 42 दिन – अंशकालीन)  

प्रत्येक अध्याय के लिए कुल घंटों का आबंटन : 

माड्यूल अध्याय सैद्धान्तिक घंटे प्रैक्टिकल  घंटे कुल घंटे

1.

कम्प्यूटर का परिचय तथा मूलभूत अवधारणा

2

2

4

2.

प्रचालन प्रणाली

4

8

12

3.

शब्द संसाधन

4

8

12

4.

स्प्रेडशीट

4

8

12

5.

प्रस्तुतीकरण

4

8

12

6.

डेटाबेस प्रबंध प्रणालियाँ

4

8

12

7.

साइबर सुरक्षा

5

5

10

8.

पीसी अनुरक्षण एवं दोष निवारण

4

8

12

9.

नेटवर्किंग एवं दोष निवारण

4

8

12

10.

आईईसीटी तथा ई-शासन में अद्यतन प्रवृत्तियाँ

6

6

12

11.

डिजिटल वित्तीय सेवाओं का अनुप्रयोग

1

1

2

12.

सॉफ्ट स्किल

7

7

14

 

कुल घंटे

49

77

126

 

पाठ्यचर्या की रूपरेखा

माड्यूल 1 कम्प्यूटर का परिचय तथा मूलभूत अवधारणा :

  • कम्प्यूटर क्या है : कम्प्यूटर प्रणाली की विशेषताएँ, कम्प्यूटर के मूलभूत अनुप्रयोग, संसाधन एकक, कुंजीपटल, माउस तथा वीडीयू, अन्य इनपुट युक्तियाँ, अन्य आउटपुट युक्तियाँ, कम्प्यूटर स्मृतिकोश
  • हार्डवेयर तथा सॉफ्टवेयर की अवधारणा : हार्डवेयर, सॉफ्टवेयर, अनुप्रयोग सॉफ्टवेयर, प्रणाली सॉफ्टवेयर, प्रोग्रामन भाषाएँ, डेटा/सूचना का निरूपण, डेटा संसाधन की अवधारणा

इस अध्याय को पूरा करने पश्चात आप कम्प्यूटर, इसके संघटक-पुर्जों तथा इसके अनुप्रयोगों को समझ सकेंगे।

माड्यूल 2 प्रचालन प्रणाली :

  • प्रचालन प्रणाली के मूल तत्व : प्रचालन प्रणाली, लोकप्रिय प्रचालन प्रणाली (लिनक्स, विण्डोज़) के मूल तत्व; 
  • प्रयोक्ता इंटरफेस : टास्क बार, आइकन, स्टार्ट मेनू, किसी अनुप्रयोग को चलाना;
  • प्रचालन प्रणाली की साधारण सेटिंग : प्रणाली तिथि एवं समय में परिवर्तन करना, प्रदर्श के गुणों में परिवर्तन करना, विण्डो के किसी घटक को जोड़ना या मिटाना, माउस के गुणों में परिवर्तन करना, प्रिंटर जोड़ना या निकालना;
  • फाइल एवं डायरेक्टरी प्रबंध : फाइलों के प्रकार, फाइल क्या है, नामकरण की परम्परा, फाइल विस्तार, फाइल पाथवे (मार्ग), विण्डोज़ एक्सप्लोरर विण्डो, फाइल देखना, फाइल गुण डायलॉग बॉक्स, फाइल के आकार के विवरण (बाइट, किलो, मेगा, गीगा, टेरा) तथा प्रयुक्त संक्षिप्ताक्षर, फोल्डर तैयार करना, किसी एक फाइल (या अधिक फाइलो) को किसी फोल्डर में ले जाना, फाइलों तथा फोल्डरों को मिटाना, मिटाई गई फाइलो को वापस लाना, फाइलों के नाम बदलना, फाइलो की खोज करना, डेस्कटॉप पर शार्टकट तैयार करना या मिटाना, प्रोग्राम किस प्रकार किसी विशिष्ट स्थान पर फाइलों को अपने आप संचित कर सकते हैं, फाइल कहाँ संचित की जा रही है इसका पता कैसे लगाया जाए;
  • डेस्कटॉप : डेस्कटॉप की जाँच करना, डेस्कटॉप की सफाई करना;
  • सॉफ्टवेयर को अद्यतन बनाए रखना : विण्डोज़ प्रचालन प्रणाली के लिए स्वतः अपडेट को कैसे नियत किया जाए।

इस अध्याय को पूरा कर लेने के उपरान्त, आप जीयूआई आधारित प्रचालन प्रणालियों तथा इसके घटकों, फाइल प्रबंध को समझ सकेंगे।

माड्यूल 3 – शब्द संसाधन :

  • शब्द संसाधन के मूल तत्व : शब्द संसाधन पैकेज खोलना, मेनू बार, सहायता का प्रयोग करना, मेनू बार के नीचे आइकन का प्रयोग करना;
  • दस्तावेज खोलना तथा बन्द करना, सेव एवं सेव ऐज़, पेज सेट अप, प्रिंट प्री-व्यू, दस्तावेजों का मुद्रण करना;
  • पाठ सृजन एवं परिचालन : दस्तावेज  सृजन, पाठ सम्पादन, पाठ चयन, कट, कॉपी, पेस्ट, वर्तनी जाँच, शब्द भण्डार;
  • पाठ की फार्मेटिंग : फोंट एवं आकार का चयन, पाठ का संरेखण, पैराग्राफ इंडेंटिंग, बुलेट एवं नम्बरिंग, केस को बदलना;
  • तालिका परिचालन : तालिका तैयार करना, सेल की चौड़ाई एवं ऊँचाई को बदलना, सेल में पाठ का संरेखण, पंक्ति एवं कॉलम मिटाना/जोड़ना, बार्डर एवं शेडिंग, तालिका फार्मूला;
  • ग्राफिक तत्व डालना : क्लिप आर्ट के किसी चित्र को डालना, संकेत चिह्नों तथा विशेष अक्षरों को डालना, जलचिह्न जोड़ना, वर्ड आर्ट का प्रयोग करना, ड्रॉप कैप जोड़ना;
  • मेल मर्ज : मेल मर्ज का प्रयोग करना, मेलिंग लेबलों का मुद्रण, आउटलुक का प्रयोग करके ई-मेल भेजने के लिए मर्जिंग;
  • मैक्रोज़, स्थानीय भाषा का प्रयोग।

इस अध्याय को पूरा कर लेने के उपरान्त, आप शब्द संसाधन के मूल त्तत्वों में कुशलता हासिल कर सकेंगे।

माड्यूल 4 – स्प्रेडशीट :

  • इलेक्ट्रॉनिक स्प्रेडशीट के मूल तत्व : स्प्रेडशीट खोलना, सेलों की एड्रेसिंग, स्प्रेडशीट का मुद्रण, वर्कबुक को संचित करना;
  • सेलों का परिचालन : पाठ की प्रविष्टि, संख्या तथा तिथियाँ, पाठ सृजन, संख्या तथा तिथियों के क्रम, वर्कशीट डेटा का सम्पादन, पंक्तियाँ जोड़ना तथा मिटाना, कॉलम, सेलों की ऊँचाई एवं चौड़ाई में परिवर्तन करना;
  • फार्मूले तथा कार्य : फार्मूला का प्रयोग करना, कार्य, मूलभूत गणितीय प्रचालक, ऑटोसम आदि का प्रयोग करना, विविध सेलों के संदर्भ में फार्मूलाओं का प्रयोग करना, सही कार्य की खोज करना, प्रासंगिक एवं सुनिश्चित सेल संदर्भ, फार्मूला की अशुद्धियों को सही करना, चार्टों के बारे में सीखना, चार्ट तैयार करना, ग्राफिक्स का प्रयोग, क्लिप आर्ट, स्मार्ट आर्ट।

इस अध्याय को पूरा करने के उपरान्त, आप स्प्रेडशीट तैयार करने तथा इसकी विशेषताओं पर कुशलता हासिल कर सकेगे।

माड्यूल 5 – प्रस्तुतीकरण :

  • प्रस्तुतीकरण की मूलभूत अवधारणा : पावर प्वाइंट का प्रयोग करना, पावर प्वाइंट प्रस्तुतीकरण खोलना, प्रस्तुतीकरण संचित करना;
  • प्रस्तुतीकरण तैयार करना : टेम्पलेट का प्रयोग करके प्रस्तुतीकरण तैयार करना, कोरा प्रस्तुतीकरण तैयार करना, पाठ की प्रविष्टि तथा सम्पादन करना, प्रस्तुतीकरण में स्लाइडें जोड़ना तथा मिटाना;
  • स्लाइडें तैयार करना : वर्ड की तालिका या एक्सेल वर्कशीट जोड़ना, क्लिप आर्ट के चित्र जोड़ना, अन्य विषयों को जोड़ना, किसी विषय के आकार तथा अनुमाप मे परिवर्तन करना;
  • स्लाइडों का प्रस्तुतीकरण : प्रस्तुतीकरण देखना, प्रस्तुतीकरण के लिए सेट अप का चयन करना, स्लाइडों तथा हैण्टडआउटों का मुद्रण करना;
  • स्लाइड शो : स्लाइड शो चलाना, संचरण तथा स्लिड का समय-काल. स्लाइड शो को स्वचालित बनाना।

इस अध्याय को पूरा करने के उपरान्त, आप एक प्रस्तुतीकरण का सृजन एवं विकास करने तथा इसकी विशेषताओं पर कुशलता हासिल कर सकेंगे। 

माड्यूल 6 – डेटाबेस प्रबंध प्रणाली :

  • डेटाबेस प्रबंध प्रणाली की अवधारणा का परिचय; डेटाबेस तैयार करना;
  • तालिका तैयार करना : फील्ड की अवधारणा, फील्ड के प्रकार, तालिका में डेटा प्रविष्टि करना, तालिका को देखना तथा मुद्रित करना, पंक्ति तथा कॉलम की ऊँचाई में परिवर्तन करना, तालिका बंद करना तथा खोलना, तालिका का श्रेणीकरण, पाठ ढूँढ़ना तथा प्रतिस्थापित करना, क्वैरी विज़ार्ड का प्रयोग करना, तालिकाओं की रिपोर्ट तैयार करना/रिपोर्ट विज़ार्ड से पूछताछ, रिपोर्ट में संशोधन करना, रिपोर्ट का मुद्रण करना, विज़ार्ड का प्रयोग करके फार्म तैयार करना, फार्मों में प्रविष्टि करना, फार्मों तथा रिपोर्टों की फार्मेटिंग के मूल तत्व।

इस अध्याय को पूरा करने के उपरान्त, आप फार्म, पूछताछ एवं रिपोर्टों का सृजन एवं विकास करने की कुशलता हासिल कर सकेंगे।

माड्यूल 7 – साइबर सुरक्षा

  • साइबर सुरक्षा : खतरों, अतिसंवेदनशीलताओं, नियंत्रणों की मूलभूत अवधारणाएँ; जोखिम; गोपनीयता, सत्यनिष्ठा, उपलब्धता; सुरक्षा नीतियाँ; सुरक्षा तंत्र; डेटा सुरक्षा एवं संरक्षण: अवधारणा, मजबूत पासवर्ड तैयार करना; इंटरनेट देखते समय सुरक्षित कैसे रहा जाए: “इन प्राइवेट ब्राउजिंग”, सुरक्षित वेबसाइट का पता लगाना, कूकीज़  मिटाना;
  • सुरक्षित वेब साइट का पता लगाने की पद्धति की जानकारी : एचटीटीपीएस, लॉक सिम्बल; सुरक्षा के महत्व: वेब साइटों से सुरक्षा के खतरों के बारे में जानकारी जैसे कि: वायरस, वार्म, ट्रोजन हार्स, स्पाइवेयर। मालवेयर शब्द को समझना; नेटीक्वेट्स;
  • नेटीक्वेट्स सुरक्षा के महत्व : कपटपूर्ण एवं अवांछित ई-मेल प्राप्त होने की संभावनाओं के बारे में जागरूक रहना; फिशिंग, फिशिंग के प्रयास को पहचानना;
  • सॉफ्टवेयर लाइसेंसिंग के मूल तत्व
  • सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000 की रूपरेखा एवं समझना।

इस अध्याय को पूरा करने के उपरान्त विद्यार्थी सुरक्षा की विशेषताओँ तथा अतिसंवेदनशीलताओं के बारे में ज्ञान प्राप्त कर सकेंगे
और अपने नेटवर्क को आक्रमणों से सुरक्षित रख सकेंगे।

माड्यूल 8 – पीसी अनुरक्षण, सुरक्षा एवं दोषनिवारण:

  • कम्प्यूटर अनुरक्षण एवं सुरक्षा : कम्प्यूटर अनुरक्षण एवं सुरक्षा की रूपरेखा, अन्तर्निर्मित पीसी सुरक्षा, टूल्स, दस्तावेजों को सुरक्षित करना, एन्टीवायरस, प्रचालन प्रणाली तथा अनुप्रयोग सॉफ्टवेयर का ग्रेड उन्नयन करना, सुरक्षा, मॉनीटर, कुंजीपटल, सीपीयू की सफाई;
  • अनावश्यक प्रोग्रामों तथा फाइलों को मिटाना: डिस्क क्लीनअप, टूलबार मिटाना; हार्ड ड्राइव डी-फ्रैग करना;
  • कम्प्यूटर अनुरक्षण प्रोग्राम: सी-क्लीनर, माई-डीफ्रैग, स्पिनराइट आदि;
  • मूलभूत दोषनिवारण : कम्प्यूटर दुबारा स्टार्ट करना, केबलों की जाँच करना, किसी सॉफ्टवेयर को अन-इनस्टाल करना, विण्डोज़ को सुरक्षित मोड में स्टार्ट करना आदि।

यह यूनिट पीसी के अनुरक्षण तथा दोषनिवारण का परिचय देगी। यह यूनिट समस्या उत्पन्न होने की स्थिति में अनुरक्षण एवं दोषनिवारण की कुछ तकनीकों का परिचय देगी।

माड्यूल 9 – नेटवर्किंग एवं दोषनिवारण :

  • कम्प्यूटर नेटवर्क के मूल तत्व : लैन, वैन, वाई-फाई, ब्रॉडबैण्ड, ब्लूटूथ;
  • इंटरनेट: इंटरनेट की अवधारणा, इंटरनेट के अनुप्रयोग, इंटरनेट के साथ सम्पर्क, दोषनिवारण ; डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू, टीसीपी/आईपी, डीएनएस, खोज इंजन; वेब ब्राउजर की मुख्य विशेषताएँ, स्विच, राउटर, गेटवे का संक्षिप्त परिचय;
  • इंटरनेट के विभिन्न अनुप्रयोग : ई-मेल, सूचना एकत्रीकरण, खुदरा व्यापार आदि;
  • इंटरनेट से सम्पर्क करने की पद्धतियाँ : डायल-अप, आईएसडीएन तथा ब्रॉडबैण्ड, इंटरनेट एड्रेसिंग का संक्षिप्त परिचय, इंटरनेट प्रोटोकॉल (टीसीपी/आईपी, एफटीपी तथा एचटीटीपी);
  • शब्दों की परिभाषा एवं समझ : इंटरनेट सेवा प्रदाता (आईएसपी), यूनिफार्म रिसोर्स लोकेटर (यूआरएल), हाइपरलिंक;
  • खोज इंजन तथा ई-मेल संदेशों के प्रयोग की रूपरेखा;
  • तत्काल संदेश एवं सहयोग : तत्काल संदेश का प्रयोग, तत्काल संदेश प्रदाता;
  • सामाजिक नेटवर्किंग साइटों अर्थात फेसबुक, ट्विटर आदि का प्रयोग; आईपीवी4 तथा आईपीवी6 नेटवर्कों की अवधारणाओं का परिचय;
  • नेटवर्क दोषनिवारण।

इस अध्याय को पूरा करने के उपरान्त, आप इंटरनेट के विश्व, इसके लाभ को समझ सकेंगे तथा एक सशक्त साधन के रूप में इंटरनेट को समझेंगे।  

 माड्यूल 10 – आईईसीटी तथा ई-शासन में अद्यतन प्रवृत्तियाँ :

  • आईईसीटी के अनुप्रयोग :  ई-शासन, मल्टीमीडिया एवं मनोरंजन
  • सूचना प्रौद्योगिकी साधनों तथा इसके संबद्ध अनुप्रयोगों का उपयोग करके परियोजना प्रबंध
  • क्लाउड कम्प्यूटिंग का परिचय :  क्लाउड कम्प्यूटिंग क्या है, लक्षण एवं विशषताएँ, सेवा मॉडल, नियोजन मॉडल, आईएएएस (सेवा के रूप में मूलसंरचना), पीएएएस (सेवा के रूप में प्लेटफार्म), एसएएएस (सेवा के रूप में सॉफ्टवेयर), डीएएएस (सेवा के रूप मे डेस्कटॉप)
  • मोबाइल कम्प्यूटिंग का परिचय, इसके घटक एवं विशेषताएँ
  • डिजिटल हस्ताक्षर : सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000 के अनुसार परिभाषा, डिजिटल हस्ताक्षर किस प्रकार काम करता है, प्रमाणन प्राधिकारियों की भूमिका, डिजिटल प्रमाण-पत्र एवं उनके उपयोग, भारत में प्रमाणन प्राधिकारी विनियम, डिजिटल प्रमाण-पत्र का आज़माइशी संस्करण प्राप्त करना, भारत में डिजिटल प्रमाण-पत्रों से संबंधित कानूनी पहलू, इलेक्ट्रॉनिक दस्तावेजों में डिजिटल हस्ताक्षरों का प्रयोग कैसे किया जाए
  • ई-शासन :  ई-शासन की परिभाषा, ई-शासन के स्तम्भ, ई-शासन की मूलसंरचना, मिशन मोड परियोजनाएँ (कम से कम 5), प्रबंध, प्रक्रिया इंजीनियरी, सरकारी प्रक्रिया इंजीनियरी तथा शासन जैसे शब्दों की अभिज्ञता, ई-शासन परियोजना जीवन चक्र, सेवाओं की इलेक्ट्रॉनिक प्रदायगी, संदेश प्रणाली तथा विभाग से संबद्ध किसी 5 लोक उपयोगिता पोर्टलों का अध्ययन (विशेष रूप से लोक शिकायत निवारण प्रणाली, आरटीआई, सतर्कता, विभागीय कार्य शैली तथा वित्तीय समावेशन, ‘आधार’ के साथ सम्पर्क आदि)।      

इस अध्याय को पूरा करने के उपरान्त, आप क्लाउड कम्प्यूटिंग तथा मोबाइल कम्प्यूटिंग की अवधारणाओं को समझ सकेंगे, आप डिजिटल हस्ताक्षर के स्वरूप एवं प्रचालन के संबंध में सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000 को समझ सकेंगे तथा ई-शासन और इसके लाभों के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। 

माड्यूल 11 – डिजिटल वित्तीय सेवाओं का अनुप्रयोग

बचत क्यों जरूरी है, बैंक में बचत क्यों की जाए, बैंकिंग उत्पाद - एटीएम कार्ड, रू-पे कार्ड. बैंकिंग प्रलेख - चेक, डिमाण्ड ड्राफ्ट (डीडी), मुद्रा नोट, बैंकिंग सेवा प्रदायगी चैनल, अपने ग्राहक के बारे में जानकारी (केवाईसी), बैंक खाता खोलना तथा आवश्यक दस्तावेज, बैंक खातों के प्रकार, धनराशि जमा करना, ऋण, मोबाइल बैंकिंग, ओवरड्राफ्ट, पेंशन आदि सहित बैंक की सेवाएँ, बीमा के प्रकार, प्रधान मंत्री जन धन योजना (पीएमजेडीवाई), पासवर्ड सुरक्षा तथा एटीएम से धनराशि की निकासी, बीमा, सामाजिक सुरक्षा योजनाएँ - अटल पेंशन योजना (एपीवाई), प्रधान मंत्री सुरक्षा बीमा योजना (पीएमएसबीवाई), प्रधान मंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (पीएमजेजेबीवाई), प्रधान मंत्री मुद्रा योजना (पीएमएमवाई)।

इस अध्याय को पूरा करने के उपरान्त, आप इंटरनेट बैंकिंग तथा सरकार द्वारा प्रदान की जाने वाली वित्तीय सेवाओं, बैंकिंग उत्पादों आदि की अवधारणाओं को समझ सकेंगे, आपको देश की विभिन्न सामजिक सुरक्षा योजनाओं की भी जानकारी मिलेगी तथा उसका प्रयोग अपने लाभ के लिए कर सकेंगे। 

माड्यूल 12 – सॉफ्ट स्किल :

  • प्रभावी संचार : प्रभावी संचार की विशेषताएँ;
  • संचार कुशलताएँ एवं कॉल हैण्डलिंग कुशलताएँ
  • श्रवण कुशलताएँ : श्रवण के प्रकार;  प्रभावी श्रवण के प्रकार: शैक्षिक श्रवण (व्याख्यान), वार्ताओं को सुनना तथा प्रस्तुतीकरण, उद्घोषणाओं को सुनना 
  • कार्पोरेट संस्कृति
  • व्यवहार कुशलताएँ
  • शब्द-संग्रह विकास
  • उच्चारण
  • पठन
  • सुनना तथा बोलना
  • लिखना

इस अध्याय का उद्देश्य लिखित, मौखिक, गैर-मौखिक तथा तकनीकी संचार कुशलताओं का विकास करना है।    

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