Error message

Warning: Creating default object from empty value in ctools_access_get_loggedin_context() (line 1411 of /var/www/html/sites/all/modules/ctools/includes/context.inc).

प्रायोजित परियोजनाएँ

क्र.सं. परियोजना का नाम परियोजना का उद्देश्य

1

उत्तर प्रदेश तथा बिहार (गोरखपुर, पटना, इलाहाबाद, गोंडा तथा फतेहपुर) में अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों की आईईसीटी के क्षेत्र में सूचना प्रौद्योगिकी साक्षरता एवं रोजगार योग्यता में सुधार के लिए क्षमता निर्माण  

आईईसीटी के क्षेत्र में अनूसूचित जाति के 2140 कुशल व्यक्तियों के एक पूल का सृजन करना (डीओईएसीसी ‘ओ’ स्तर, हार्डवेयर, नेटवर्किंग एवं सूचना सुरक्षा में उन्नत डिप्लोमा (एडीएचएनएस) – 1 वर्ष, कम्प्यूटर अनुप्रयोग एवं कार्यालय पद्धति (सीएओपी)- 3 माह)  

2

झारखण्ड (जमशेदपुर तथा पश्चिमी सिंहभूम) में अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों की आईईसीटी के क्षेत्र में सूचना प्रौद्योगिकी साक्षरता एवं रोजगार योग्यता में सुधार के लिए क्षमता निर्माण

आईईसीटी के क्षेत्र में अनूसूचित जनजाति के 800 कुशल व्यक्तियों के एक पूल का सृजन करना (डीओईएसीसी ओ स्तर, हार्डवेयर, नेटवर्किंग एवं सूचना सुरक्षा में उन्नत डिप्लोमा (एडीएचएनएस) – 1 वर्ष, कम्प्यूटर अनुप्रयोग एवं कार्यालय पद्धति (सीएओपी)- 3 माह)  

3

ओडिशा के कटक तथा पुरी में महिलाओं की आईईसीटी के क्षेत्र में रोजगार योग्यता में सुधार के लिए क्षमता निर्माण

महिलाओं के स्व-रोजगार के अवसरों में सुधार के लिए 1380 महिला विद्यार्थियों को आरम्भिक कम्प्यूटर शिक्षण (अर्थात कम्प्यूटर अनुप्रयोग एवं कार्यालय पद्धति तथा डीओईएसीसी ‘ओ’ स्तर) में प्रशिक्षण प्रदान करना। 

4

नाइलिट केन्द्र चण्डीगढ़ तथा शिमला, लखनऊ और दिल्ली स्थित इसकी शाखाओं में विभिन्न रोजगार उन्मुखी पाठ्यक्रमों के लिए स्नातक/स्नातक पूर्व स्तर की महिलाओं तथा अनुसूचित जाति/जनजाति के विद्यार्थियों का प्रशिक्षण एवं मानीटरिंग तथा ईपी प्रभाग, इले. और सू.प्रौ. विभाग, नई दिल्ली में जनसामान्य के लिए सूचना प्रौद्योगिकी कार्यक्रम का प्रभाव मूल्यांकन  .

प्रोफेशनल सूचना प्रौद्योगिकी प्रशिक्षण प्रदान करने के जरिए महिला विद्यार्थियों की रोजगार योग्यता में वृद्धि करना (कुल 760 विद्यार्थियों को प्रशिक्षित किया जाना है)

5

पूर्वोत्तर क्षेत्र में स्नातक/स्नातक पूर्व स्तर की महिलाओं का आईटीईएस/बीपीओ (ग्राहक सेवा) में प्रशिक्षण

 

कॉल सेंटर, पर्यटन, यात्रा, होटल, बैंकिंग, कार्पोरेट क्षेत्र आदि जैसे ग्राहक सेवा उद्योगों में रोजगार योग्य 4800 कुशल महिला कार्मिकों के एक पूल का सृजन करना

6

सरकारी अधिकारियों का आईएसईए परियोजना के अन्तर्गत प्रशिक्षण

सरकारी अधिकारियों को सूचना सुरक्षा के क्षेत्र में प्रशिक्षण प्रदान करना

7

आईएसईए परियोजना के अन्तर्गत सीआईएसएसपी

सूचना सुरक्षा के लिए राष्ट्रीय स्तर की प्रमाणन योजना आरम्भ करना

8

ग्रामीण कुशलता विकास परियोजना : 30 अप्रैल, 2014 के अनुसार वास्तविक एवं वित्तीय स्थिति 
वास्तविक स्थिति :

·   राज्य-वार सूची के लिए यहाँ क्लिक करें 

·   समेकित सूची के लिए यहाँ क्लिक करें 

 

8.A

अनूसूचित जाति/जनजाति, अल्पसंख्यक समुदाय के ग्रामीण युवाओं तथा महिलाओं की रोजगार योग्यता में सुधार के लिए सूचना प्रौद्योगिकी कुशलता में प्रशिक्षण कार्यक्रम  

अनूसूचित जाति/जनजाति/अल्पसंख्यक समुदाय/महिलाओं के कुल 48000 विद्यार्थियों को रोजगार योग्य बनाने के लिए  सूचना प्रौद्योगिकी कुशलता में प्रशिक्षण प्रदान करना

8.B

अनूसूचित जाति/जनजाति, अल्पसंख्यक समुदाय के ग्रामीण युवाओं तथा महिलाओं की रोजगार योग्यता में सुधार के लिए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की मरम्मत एवं अनुरक्षण में प्रशिक्षण कार्यक्रम  

अनूसूचित जाति/जनजाति/अल्पसंख्यक समुदाय/महिलाओं के कुल 32400 विद्यार्थियों को रोजगार योग्य बनाने के लिए  इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की मरम्मत एवं अनुरक्षण में प्रशिक्षण प्रदान करना

8.C

अनूसूचित जाति/जनजाति, अल्पसंख्यक समुदाय के ग्रामीण युवाओं तथा महिलाओं की रोजगार योग्यता में सुधार के लिए आईटीईएस – बीपीओ (ग्राहक सेवा) में प्रशिक्षण कार्यक्रम  

अनूसूचित जाति/जनजाति/अल्पसंख्यक समुदाय/महिलाओं के कुल 9000 विद्यार्थियों को रोजगार योग्य बनाने के लिए  प्रशिक्षण प्रदान करना

9

ग्रामीण भारत में कम्प्यूटर शिक्षण पर पाठ्यक्रम

कम्प्यूटर अवधारणा पाठ्यक्रम (सीसीसी) के लिए एक लाख वीएलई/सीएससी प्रचालकों का प्रशिक्षण

10

ग्रामीण भारत की महिलाओं को डिजिटल साक्षरता के माध्यम से नाइलिट द्वारा अधिकारिता प्रदान किए जाने की योजना

असम, उत्तर प्रदेश, जम्मू तथा कश्मीर, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, तमिल नाडु, राजस्थान, सिक्किम, बिहार और पश्चिम बंगाल राज्यों के चुनिन्दा वीएलई द्वारा ग्रामीण भारत की 25000 महिलाओं को सीसीसी में प्रशिक्षित करना

11

पीआरआई कार्यकर्ताओं का मूलभूत कम्प्यूटर पाठ्यक्रम (बीसीसी) में प्रशिक्षण

पूरे भारत के 25000 पंचायती राज संस्थाओं के कार्यकर्ताओं को बीसीसी में प्रशिक्षित करना

 

वर्ष 2012-13 के दौरान आरम्भ की गई परियोजनाएँ

क्र.सं. परियोजना का नाम परियोजना का उद्देश्य

1

अनूसूचित जाति के 600 विद्यार्थियों का सूचना प्रौद्योगिकी में रोजगार उन्मुखी पाठ्यक्रमों में प्रशिक्षण एवं प्रमाणन 

अनूसूचित जाति के 600 विद्यार्थियों को निःशुल्क प्रशिक्षण प्रदान करना जिससे उन्हें लोक सेवा परीक्षाओं में बैठने योग्य बनाया जा सके

2

जम्मू तथा कश्मीर राज्य के लद्दाख क्षेत्र में 150 अनुसूचित जनजाति विद्यार्थियों की कुशलता में अभिवृद्धि जिससे उन्हें कम्प्यूटर हार्डवेयर एवं नेटवर्किंग कार्मिक के रूप में रोजगार मिल सके 

सूचना प्रौद्योगिकी हार्डवेयर जैसे कि डेस्कटॉप पीसी, लैपटॉप, यूपीएस तथा प्रिंटर आदि की मरम्मत, अनुरक्षण एवं सर्विस के प्रयोजन से उद्योग के लिए तैयार कार्मिकों का सृजन करना तथा कम्प्यटर नेटवर्किंग कार्मिकों का सृजन करना जो विभिन्न प्रकार की कम्प्यूटर नेटवर्किंग का प्रतिष्ठापन एवं अनुरक्षण कर सकेंगे  

3

जम्मू तथा कश्मीर राज्य के साम्भा क्षेत्र में 500 अनुसूचित जाति विद्यार्थियों की कुशलता में अभिवृद्धि जिससे उन्हें कम्प्यूटर हार्डवेयर एवं नेटवर्किंग कार्मिक के रूप में रोजगार मिल सके 

सूचना प्रौद्योगिकी हार्डवेयर जैसे कि डेस्कटॉप पीसी, लैपटॉप, यूपीएस तथा प्रिंटर आदि की मरम्मत, अनुरक्षण एवं सर्विस के प्रयोजन से उद्योग के लिए तैयार कार्मिकों का सृजन करना तथा कम्प्यटर नेटवर्किंग कार्मिकों का सृजन करना जो विभिन्न प्रकार की कम्प्यूटर नेटवर्किंग का प्रतिष्ठापन एवं अनुरक्षण कर सकेंगे  

4

अनुसूचित जाति/जनजाति के रोजगार अभ्यर्थियों के पहले बैच का कम्प्यूटर हार्डवेयर अनुरक्षण सीएचएम-ओ स्तर में प्रशिक्षण

रोजगार एवं प्रशिक्षण महानिदेशालय, श्रम
एवं रोजगार मंत्रालय द्वारा प्रायोजित अनुसूचित जाति/जनजाति के अभ्यर्थियों को रोजगार उन्मुखी प्रशिक्षण प्रदान करना 

5

अनुसूचित जाति/जनजाति के रोजगार अभ्यर्थियों के 5वें बैच का डीओईएसीसी ‘ओ’ स्तर में प्रशिक्षण

रोजगार एवं प्रशिक्षण महानिदेशालय, श्रम
एवं रोजगार मंत्रालय द्वारा प्रायोजित अनुसूचित जाति/जनजाति के अभ्यर्थियों को रोजगार उन्मुखी प्रशिक्षण प्रदान करना 

6

दूर-दराज के क्षेत्रों के विद्यार्थियों को अच्छी क्वालिटी का प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए नाइलिट के इंट्रानेट की स्थापना तथा नाइलिट केन्द्रों में स्मार्ट आभासी क्लास रूमों की स्थापना 

नाइलिट के एमपीएलएस नेटवर्क की स्थापना करना ताकि अर्नेट की सहायता से देश में नाइलिट के सभी केन्द्रों को आपस में जोड़कर मल्टीटास्किंग, वीडियो कान्फरेंसिंग तथा आभासी क्लासरूम के सत्र चलाए जा सकें, जिसका मुख्य फोकस देश के दूर-दराज के क्षेत्रों में स्थित नाइलिट केन्द्रों तथा इसके प्रत्यायित केन्द्रों से उत्तीर्ण होने वाले विद्यार्थियों की शिक्षण की क्वालिटी में सुधार करने पर होगा     

7

जम्मू तथा कश्मीर राज्य में डब्ल्यूएसएन सुरक्षा तथा प्रशिक्षण में क्षमता निर्माण

वायरलेस सेंसर नेटवर्क सुरक्षा के क्षेत्र में प्रशिक्षण तथा अनुसंधान एवं विकास की क्षमता के निर्माण के लिए प्रयोगशाला सुविधा का विकास करना। इस प्रकार सृजित सुविधा विशेष रूप से विद्यार्थियों और जम्मू तथा कश्मीर राज्य में वायरलेस सेंसर नेटवर्क के क्षेत्र में कार्यरत पेशेवरों के लिए उपयोगी होगी जो अपने शैक्षिक एवं अनुसंधान संबंधी कार्यकलाप जारी रखना चाहते हैं। इसमें सुरक्षा पर जोर दिया जाएगा।   

8

औरंगाबाद और चेन्नै केन्द्रों द्वारा सी-डैक हैदराबाद के साथ मिलकर इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद डिजाइन एवं उत्पादन प्रौद्योगिकियों के क्षेत्रों में संयुक्त रूप में क्षमता निर्माण  

इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद डिजाइन एवं उत्पादन प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में सर्टिफिकेट, डिप्लोमा, स्तानतकोत्तर एवं शोध प्रोफेशनल सहित विभिन्न स्तरों पर पर्याप्त सक्षमता के स्तर के साथ मानव संसाधनों का विकास करना सहित 

9

सूचना, इलेक्ट्रॉनिकी एवं संचार प्रौद्योगिकी (आईईसीटी) के क्षेत्र में प्रशिक्षण/शिक्षण की क्षमता में अभिवृद्धि करने के जरिए पूर्वोत्तर क्षेत्र का विकास 

इम्फाल, आइजॉल, गुवाहाटी, शिलांग, गंगटोक तथा ईटानगर स्थित नाइलिट के वर्तमान केन्द्रों का ग्रेड उन्नयन। तेजपुर तथा चुचुयिमलांग स्थित दो वर्तमान विस्तार केन्द्रों का ग्रेड उन्नयन। नाइलिट केन्द्रों की प्रशिक्षण क्षमता में वृद्धि करने के लिए चुड़ाचाँदपुर एवं सेनापति (मणिपुर), लुंगलेई (मिज़ोरम), तूरा (शिलांग), डिब्रूगढ़, सिलचर, जोरहाट एवं कोकराझार (असम), तेज़ू एवं पासीघाट (अरुणाचल प्रदेश) में 10 विस्तार केन्द्रों की स्थापना  

10

नाइलिट केन्द्र, पटना की स्थापना

स्थायी परिसर सहित प्रशिक्षण सुविधा के लिए पटना, बिहार में एक नाइलिट केन्द्र की स्थापना 

11

श्रीनगर, जम्मू तथा कश्मीर की डल झील के पानी की गुणवत्ता की तात्कालिक निगरानी  

वायरलेस सेंसर नेटवर्कों का प्रयोग करते हुए डल झील के पानी की गुणवत्ता की एक तात्कालिक निगरानी प्रणाली का विकास करना

12.

पूर्वोत्तर क्षेत्र में चिकित्सा इलेक्ट्रॉनिकी प्रयोगशाला की स्थापना का संवर्धन तथा चिकित्सा एवं परा चिकित्सा कार्मिकों का प्रशिक्षण

पूर्वोत्तर क्षेत्र में आइजॉल केन्द्र द्वारा चिकित्सा इलेक्ट्रॉनिकी प्रयोगशाला की स्थापना का संवर्धन तथा चिकित्सा एवं परा चिकित्सा कार्मिकों का प्रशिक्षण

13.

मिज़ोरम, नागालैण्ड तथा त्रिपुरा के पूर्वोत्तर राज्यों में नाइलिट द्वारा समुचित प्रशिक्षण एवं प्रचार-प्रसार तंत्र के माध्यम से स्कूली बच्चों, महाविद्यालय के विद्यार्थियों तथा जनता में साइबर सुरक्षा के बारे में बड़े पैमाने पर जागरूकता का सृजन

इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य देश के पूर्वोत्तर क्षेत्र के विशेष रूप से 3 राज्यों में साइबर सुरक्षा जागरूकता के संबंध में अन्तराल पर ध्यान देना है 

14.

नाइलिट केन्द्र, इम्फाल में अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों का ई-शासन अनुप्रयोगों के लिए क्षमता निर्माण में प्रशिक्षण 

मणिपुर के 5 स्थानों पर मणिपुर के अनुसूचित जाति/जनजाति के विद्यार्थियों को सूचना प्रौद्योगिकी एवं ई-शासन अनुप्रयोगों पर प्रशिक्षण प्रदान करना जिससे या तो उन्हें रोजगार मिल सके या फिर वे अपना व्यवसाय शुरू कर सकें

15.

नाइलिट केन्द्र, गोरखपुर द्वारा उन्नत स्तर की सूचना सुरक्षा कुशलता विकास के लिए उन्नत आभासी परिवेश आधारित परस्पर सक्रिय सूचना सुरक्षा प्रशिक्षण किट

पिछली परियोजना में विकसित विशेषज्ञता के आधार पर, सूचना सुरक्षा के लिए वर्तमान वीटीई में अभिवृद्धि करने तथा पुनःडिजाइन/पुनर्विन्यास करने का प्रस्ताव है ताकि वह एक एकीकृत आभासी प्रशिक्षण परिवेश आधारित प्रशिक्षण किट के रूप में कार्य कर सके  .

16.

प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग (डीएआरपीजी) द्वारा प्रायोजित मास्टर ई-शासन प्रशिक्षण योजना (एमईटीपी) के अन्तर्गत नाइलिट केन्द्र, नई दिल्ली द्वारा ई-शासन के क्षेत्र में क्षमता निर्माण  

जी1 ग्रुप (अनुभाग अधिकारी तथा सहायक) के 53 अधिकारियों को 2 बैचों में प्रशिक्षित किया गया और जी2 ग्रुप (उप सचिव, निदेशक तथा अवर सचिव) के 39 अधिकारियों को 2 बैचों में प्रशिक्षित किया गया   

17.

प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग (डीएआरपीजी) द्वारा प्रायोजित योजना के अन्तर्गत राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार के अधिकारियों के लिए ई-शासन में क्षमता निर्माण

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार के विभिन्न विभागों के 25 अधिकारियों को शिमला में आयोजित एक आवासीय प्रशिक्षण कार्यशाला में ई-शासन की विविध अवधारणाओं पर प्रशिक्षित किया गया  

 

वर्ष 2013-14 के दौरान अनुमोदित नई परियोजनाएँ

क्र.सं. परियोजना का नाम  

1.

अनुसूचित जाति/जनजाति के रोजगार अभ्यर्थियों के 6ठे बैच का डीओईएसीसी ‘ओ’ स्तर में प्रशिक्षण

रोजगार एवं प्रशिक्षण महानिदेशालय, श्रम एवं रोजगार मंत्रालय द्वारा प्रायोजित अनुसूचित जाति/जनजाति के अभ्यर्थियों को जुलाई 2013 से रोजगार उन्मुखी प्रशिक्षण प्रदान करना 

 

वर्ष 2014-16 के दौरान प्रायोजित नई परियोजनाएँ

क्र.सं. परियोजना का नाम  

1

अनुसूचित जाति/जनजाति के रोजगार अभ्यर्थियों के 8वें बैच का डीओईएसीसी ‘ओ’ स्तर में प्रशिक्षण

रोजगार एवं प्रशिक्षण महानिदेशालय, श्रम एवं रोजगार मंत्रालय द्वारा प्रायोजित अनुसूचित जाति/जनजाति के अभ्यर्थियों को नाइलिट ओ स्तर सूचना प्रौद्योगिकी पाठ्यक्रम में प्रशिक्षण प्रदान करना। जुलाई 2015 से 2000 विद्यार्थियों का प्रशिक्षण पूरे देश के 21 स्थानों पर शुरू किया गया 

2

अनुसूचित जाति/जनजाति के रोजगार अभ्यर्थियों के 4थे बैच का नाइलिट सीएचएम-ओ स्तर पर प्रशिक्षण

रोजगार एवं प्रशिक्षण महानिदेशालय, श्रम एवं रोजगार मंत्रालय द्वारा प्रायोजित अनुसूचित जाति/जनजाति के अभ्यर्थियों को नाइलिट ओ स्तर सूचना प्रौद्योगिकी पाठ्यक्रम में प्रशिक्षण प्रदान करना। जुलाई 2015 से 1000 विद्यार्थियों का प्रशिक्षण पूरे देश के 19 स्थानों पर शुरू किया गया

Hindi