निदेशक के डेस्क से

राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौधौगिकी संस्थान (रा.इ.सू.प्रौ.सं.) रांची की वेबसाइट में आपका स्वागत है, यह मेरे लिए बहुत सम्मान कि बात है कि मैं रा.इ.सू.प्रौ.सं. रांची के बारे में कुछ शब्द कहने जा रहा हूँ।

अगस्त 2014 में प्रधान मंत्री द्वारा रा.इ.सू.प्रौ.सं., रांची केंद्र का उद्घाटन किया गया, एवं रियाडा भवन, दूसरी मंजिल, मेन रोड, रांची से इसने काम करना शुरू किया।

एक अच्छी तरह से सुसज्जित और समर्पित संस्थान, रा.इ.सू.प्रौ.सं., रांची, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी के उभरते हुए क्षेत्र में कौशल-उन्नयन और क्षमता निर्माण के उद्देश्य से विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रदान करता है। स्थापना के बाद से, रा.इ.सू.प्रौ.सं. रांची डिजिटल साक्षरता के क्षेत्र में सीसीसी (कोर्स ऑन कंप्यूटर कॉन्सेप्ट्स), बीसीसी (बेसिक कंप्यूटर कोर्स) और एसीसी (अवेयरनेस ऑन कंप्यूटर कॉन्सेप्ट्स) के क्षेत्र में कई पाठ्यक्रमों की पेशकश करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इसके अलावा, रा.इ.सू.प्रौ.सं., रांची 'ओ' स्तर और सीएचएम - 'ओ' स्तर जैसे गैर औपचारिक क्षेत्र में कई पाठ्यक्रम प्रदान करता है।

इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम डिज़ाइन और विनिर्माण क्षेत्र (ईएसडीएम) के क्षेत्र में प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया है। वर्तमान में हमारे पास 12 प्रशिक्षण भागीदार हैं, जो इस क्षेत्र में विभिन्न पाठ्यक्रमों का संचालन करने के लिए मान्यता प्राप्त है और झारखंड के युवाओं को ईएसडीएम क्षेत्र में अपना करियर बनाने के लिए अवसर प्रदान करते हैं।

रा.इ.सू.प्रौ.सं. रांची ने झारखंड राज्य के अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति के युवाओं के लिए एक प्रशिक्षण कार्यक्रम भी शुरू किया है। यह परियोजना डीआईटी झारखंड द्वारा प्रायोजित है और इसका उद्देश्य कमजोर वर्ग के सामाजिक उत्थान और राज्य के वंचित लोगों का उत्थान करना है। यह पाठ्यक्रम एस.सी. / एस.टी. श्रेणी के लिए बिना किसी मूल्य के करवाया जाता है।

इसके अलावा, रा.इ.सू.प्रौ.सं. रांची की राज्य सरकार के विभिन्न विभागों एवं पीएसयू और अन्य संगठन के लिए भर्ती परीक्षा आयोजित करने में विशेषज्ञता है।

मैं आपको हमारी वेबसाइट पर आने के लिए बधाई देता हूँ। हम आशा करते हैं कि यह साइट विभिन्न जानकारीयों के स्रोत के रूप में कार्य करेगी। आपके विश्वास के लिए धन्यवाद और आने वाले दिनों में हम आपके सुझावों और सक्रिय प्रयासों की प्रतीक्षा करेंगे।

 

                                                                                                                                                                                                                   कृष्णा नंद चतुर्वेदी 

 

 निदेशक (प्रभारी)

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