Error message

Warning: Creating default object from empty value in ctools_access_get_loggedin_context() (line 1411 of /var/www/html/sites/all/modules/ctools/includes/context.inc).

प्रस्तावना

प्रभूत हरेभरे एवं मनोहर पर्तमय पहाड़ियों से घिरी अपनी उत्कृष्ट वास्तुकला में स्थित राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (नाइलिट), कोहिमा में विश्वस्तरीय मूलसंरचना उपलब्ध है जो आईईसीटी से संबंधित अध्यापन, प्रशिक्षण तथा अन्य प्रोफेशनल कार्यकलाप करने की सुविधा प्रदान करते हैं और साथ ही यह केन्द्र अनुसंधान एवं विकास संबंधी कार्य, परामर्श सेवाएँ तथा सॉफ्टवेयर विकास के कार्य भी करता है। वर्ष 2004 में स्थापित यह केन्द्र इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी विभाग, संचार और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, भारत सरकार के नाइलिट नामक स्वायत्त वैज्ञानिक निकाय के अन्तर्गत एक राष्ट्रीय स्तर का तकनीकी संस्थान है। 
चुचुयिमलांग स्थित ग्रामीण विस्तार केन्द्र की स्थापना वर्ष 2006 में नागालैण्ड के मोकोकचुंग जिले में नागालैण्ड गांधी आश्रम चुचुयिमलांग के सहयोग से की गई थी। 
नाइलिट कोहिमा नवोन्मेष कार्यकलापों का एक केन्द्र बनने की भी अभिलाषा रखता है और कम्प्यूटर ज्ञान एवं कार्यप्रणालियों का सृजन, प्रचार-प्रसार तथा अनुप्रयोग करने के लिए सरकारी संगठनों, सार्वजनिक तथा निजी क्षेत्रों और अन्य शैक्षिक संस्थानों के सहयोग से लगातार अवसरों की खोज कर रहा है। नाइलिट एक ऐसा संस्थान है जो रोजगार के अवसरों में सुधार करने तथा अच्छी क्वालिटी की सूचना प्रौद्योगिकी जनशक्ति की उपलब्धता की सुविधा प्रदान करने के प्रयोजन से प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाता है, जिसके परिणामस्वरूप क्षेत्र में और विशेष रूप से नागालैण्ड सूचना प्रौद्योगिकी उद्योग के विकास में योगदान मिलेगा। नाइलिट की एक मुख्य विशेषता औपचारिक तथा अनौपचारिक क्षेत्र के पाठ्यक्रमों को संतुलित समामेलन है जिसका उद्देश्य आईईसीटी के क्षेत्र में शिक्षण तथा प्रशिक्षण के अवसर उपलब्ध कराना है।
अद्यतन तकनीकी जानकारी तथा मूलसंरचना से युक्त नाइलिट, कोहिमा को नागालैण्ड सरकार द्वारा सूचना प्रौद्योगिकी उत्तमता केन्द्र भी घोषित किया गया है।  
उद्देश्य

  • औपचारिक तथा अनौपचारिक पाठ्यक्रमों के माध्यम से आईईसीटी के क्षेत्र में मानव संसाधन विकास के कार्य करना।
  • कुशलता विकास कार्यक्रमों के माध्यम से उद्योग में रोजगार योग्य कार्मिक तैयार करना तथा आईईसीटी के क्षेत्र में उद्यमशीलता को बढ़ावा देना।
  • राज्य सरकार को ई-शासन उपक्रमों के कार्यान्वयन के समर्थ बनाना।
  • अस्पतालों तथा नैदानिक प्रयोगशालाओं को मरम्मत एवं अनुरक्षण सेवाएँ प्रदान करना।
Hindi