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प्रस्तावना

​नाइलिट केन्द्र, पटना की स्थापना वर्ष 2008 में की गई थी और यह बिस्कोमन टॉवर, गांधी मैदान, पटना से कार्य कर रहा है, जिसका उद्देश्य पूर्वी क्षेत्र में स्थित विभिन्न नाइलिट केन्द्रों के कार्यकलापों का समन्वय करना तथा इस क्षेत्र में नाइलिट के कार्यकलापों को बढ़ावा देने के लिए सक्रिय भूमिका निभाना और इस प्रकार, विभिन्न स्तरों पर सूचना, इलेक्ट्रॉनिकी एवं संचार प्रौद्योगिकी (आईईसीटी) के क्षेत्र में ज्ञान एवं कुशलता विकास को बढ़ावा देना, जो उद्योग की आवश्यकताओं को पूरा करता है तथा जिससे फलस्वरूप इस क्षेत्र और विशेष रूप से बिहार राज्य का समग्र विकास संभव होगा।  

यह केन्द्र बिहार राज्य सरकार के लिए क्षमता निर्माण प्रशिक्षण कार्यक्रम से भी जुड़ा हुआ है। इन कार्यक्रमों में से प्रमुख है राज्य सरकार के कर्मचारियों का प्रशिक्षण कार्यक्रम, जिसके अन्तर्गत समूह ‘ग’ के कर्मचारियों के लिए वार्षिक वेतन-वृद्धि के पात्र बनने के प्रयोजन से कम्प्यूटर अनुप्रयोग के पाठ्यक्रम को सफलतापूर्वक पूरा करना अनिवार्य है। लगभग 19,000 कर्मचारियों को अब तक प्रशिक्षित किया गया है। इसके अलावा, नाइलिट पटना बिहार सरकार के ‘कौशल विकास’ मिशन के अन्तर्गत भी प्रशिक्षण कार्यक्रम कार्यान्वित कर रहा है जिसका उद्देश्य जिला, उप-संभाग तथा ब्लॉक स्तर के 3.75 लाख अकुशल युवाओं को रोजगार योग्य बनाने के लिए प्रशिक्षित करना है।

राष्ट्रीय स्तर पर, नाइलिट ने ‘रोजगार के लिए सूचना प्रौद्योगिकी’, जिसे डिजिटल भारत पहल के अन्तर्गत 8वें स्तम्भ के रूप में परिभाषित किया गया है, के अन्तर्गत महिला सहित समाज के कमजोर वर्गों के 55 लाख विद्यार्थियों को प्रशिक्षित करने का एक प्रस्ताव भी तैयार किया है। पंचायती राज मंत्रालय (एमओपीआर) ने भी 25000 चुने हुए प्रतिनिधियों तथा पंचायत कार्यकर्ताओं के लिए बीसीसी (मूलभूत कम्प्यूटर पाठ्यक्रम) का प्रशिक्षण एवं परीक्षा आयोजित करने का कार्य नाइलिट को सौंपा है। यह प्रशिक्षण पीपीपी मोड में दिया जाएगा तथा मूल्यांकन नाइलिट द्वारा ऑनलाइन मोड में किया जाएगा। राष्ट्रीय डिजिटल साक्षरता मिशन (एनडीएलएम) के अन्तर्गत एक प्राधिकृत परीक्षा एजेंसी की हैसियत से, नाइलिट विद्यार्थियों के आधार समर्थित बायोमेट्रिक अधिप्रमाणन द्वारा ऑनलाइन परीक्षा भी आयोजित कर रही है। सफल विद्यार्थियों को ऑनलाइन मोड में डिजिटल रूप से हस्ताक्षरित प्रमाण-पत्र जारी किए जाते हैं जिसमें क्यूआर कोड होता है, जिससे इन प्रमाण-पत्रों का सत्यापन भी ऑनलाइन मोड में किया जा सके। 

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