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औपचारिक पाठ्यक्रम

प्रौद्योगिकी का डिजाइन विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों की सहायता से किया जाता है, जिससे इन बहु-विषयी पहलुओं को शामिल किया जा सके और साथ ही गहन कार्य के माध्यम से अनुभव प्रदान किया जा सके। 

पाठ्यक्रम का ढाँचा

सेमेस्टर I

क्र.सं. पाठ्यक्रम का कोड पाठ्यक्रम का शीर्षक
सिद्धान्त

1

EDTS1T1

विनिर्माण एवं डिजाइन के लिए अनुप्रयुक्त गणित

2

EDTS1T2

एनालॉग एकीकृत परिपथों का विश्लेषण एवं डिजाइन

3

EDTS1T3

उन्नत डिजिटल प्रणाली डिजाइन

4

EDTS1T4

प्रणालियों में इलेक्ट्रोचुम्बकीय व्यतिकरण एवं संगतता

5

EDTS1T5

उन्नत अन्तर्निर्मित प्रणाली डिजाइन

6

EDTS1T6

ऐच्छिक

ऐच्छिक

1

निम्न पावर परिपथों का डिजाइन

2

सेमीकण्डक्टर युक्ति माडलिंग एवं सिमुलेशन

3

आरएफ प्रणाली डिजाइन

प्रैक्टिकल

1

EDTS1L1

इलेक्ट्रॉनिक डिजाइन प्रयोगशाला

2

EDTS1L2

एनालॉग परिपथ डिजाइन प्रयोगशाला

 

सेमेस्टर II

क्र.सं. पाठ्यक्रम का कोड पाठ्यक्रम का शीर्षक
सिद्धान्त

1

EDTS2T1

इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों का औद्योगिक डिजाइन

2

EDTS2T2

एमईएमएस तथा अनुप्रयोग

3

EDTS2T3

गुणवत्ता एवं विश्वसनीयता के लिए डिजाइन

4

EDTS2T4

ऐच्छिक

5

EDTS2T5

ऐच्छिक

ऐच्छिक

1

आईसी विनिर्माण

2

उन्नत डिजिटल संकेत संसाधन

3

मिश्रित संकेत डिजाइन

4

विनिर्माण इंजीनियरी

प्रैक्टिकल

1

EDTS2L1

उत्पाद डिजाइन की कार्यप्रणाली तथा प्रोटेटाइपिंग प्रयोगशाला

 

सेमेस्टर III तथा IV

  • एक वर्ष का परियोजना कार्य 

इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद डिजाइन एवं उत्पादन प्रौद्योगिकी (ईपीडीपीटी) के क्षेत्रों में क्षमता निर्माण परियोजना

(नाइलिट चेन्नै, नाइलिट औरंगाबाद तथा सी-डैक हैदराबाद के माध्यम से)

इलेकट्रॉनिक उत्पाद डिजाइन पर डिप्लोमा पाठ्यक्रम (डीईपीडी)

इलेक्ट्रॉनिकी तथा हार्डवेयर उद्योग का अनुप्रयोग अर्थव्यवस्था के सभी क्षेत्रों में बढ़ता जा रहा है और इस प्रकार इसे हमारे देश के विकास के मुख्य समर्थनकर्ता के रूप में स्वीकार किया जाता है। विकास की वर्तमान प्रवृत्ति तथा वैश्विक इलेक्ट्रॉनिकी उद्योग में इसका विद्यमान योगदान यह दर्शाता है कि उत्पादन एवं रोजगार की दृष्टि से भारत में सूचना प्रौद्योगिकी हार्डवेयर तथा इलेक्ट्रॉनिकी विनिर्माण उद्योग के अंश में कई गुना वृद्धि होने की संभावना है, जो वैश्विक इलेक्ट्रॉनिकी विनिर्माण की मूल्य श्रृंखला में इसके उद्भव द्वारा चालित है।     

उच्च प्रौद्योगिकी के विनिर्माण, अधिक पूँजी की आवश्यकता वाले सेमीकण्डक्टर तथा अन्य उच्च प्रौद्योगिकी के इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों के लिए एक अनुकूल वातावरण तैयार करने, वैश्विक पूँजीनिवेश आकर्षित करने तथा पर्याप्त मूलसंरचना एवं आर्थिक प्रणाली के अभाव के कारण उत्पन्न व्यावहारिक अन्तराल को पूरा करने के उद्देश्य से, भारत सरकार ने देश कई उपक्रमों की घोषणा की है। इस परिप्रेक्ष्य में, इस क्षेत्र के लिए प्रशिक्षित मानव संसाधनों की उपलब्धता का भी सुनिश्चय करने की जरूरत है जिससे विकास को जारी रखा जा सके और इस क्षेत्र के लिए निर्धारित लक्ष्य संदर्भ में, इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी विभाग, भारत सरकार ने ‘इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद डिजाइन एवं उत्पादन प्रौद्योगिकी (ईपीडीपीटी) के क्षेत्रों में क्षमता निर्माण’ नामक एक परियोजना आरम्भ की है, जिसका निष्पादन जनशक्ति विकास, कम कीमत वाले इलेक्ट्रॉनिकी डिजाइन, अनुसंधान एवं विकास आदि के लिए नाइलिट औरंगाबाद, नाइलिट चेन्नै तथा सी-डैक हैदराबाद द्वारा किया जा रहा है।

इस उपक्रम के एक भाग के रूप में, इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद डिजाइन में डिप्लोमा (डीईपीडी) पर 6 माह का स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम इन तीनों केन्द्रों का संयुक्त उपक्रम है जिसका उद्देश्य ईएसडीएम क्षेत्र के लिए उत्पाद डिजाइन में प्रशिक्षित जनशक्ति तैयार करना है, जो उद्योग के विकास में अपना योगदान देंगे। डीईपीडी पाठ्यक्रम का लक्ष्य विद्यार्थियों को इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद की डिजाइन अर्थात अवधारणा से लेकर उत्पाद विकास तक के बारे में प्रशिक्षित करना है।

पाठ्यक्रम के उद्देश्य

निम्नलिखित क्षेत्रों में विद्यार्थियों के ज्ञान एवं कुशलता में अभिवृद्धि करके उन्हें इलेक्ट्रॉनिक उद्योग के लिए बेहतर रूप में तैयार करना है :

  1. अन्तर्निर्मित सॉफ्टवेयर एवं फर्मवेयर डिजाइन
  2. इलेक्ट्रॉनिक हार्डवेयर डिजाइन तथा इंटरफेसिंग तकनीकें
  3. इलेक्ट्रॉनिक पैकेजिंग तथा औद्योगिक डिजाइन

पाठ्यक्रम माड्यूल

  1. इलेक्ट्रॉनिकी के मौलिक सिद्धान्त
  2. इलेक्ट्रॉनिक प्रणाली पैकेजिंग
  3. इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों का औद्योगिक डिजाइन
  4. एफपीजीए आधारित प्रणाली डिजाइन
  5. प्रोसेसर/माइक्रोप्रोसेसर आधारित प्रणाली डिजाइन
  6. अतर्निर्मित प्रणालियों के लिए सॉफ्टवेयर विकास
  1. अन्तर्निर्मित प्रणालियों के लिए ओएस की अवधारणाएँ
  2. आरटीओएस अवधारणाएँ एवं पोर्टिंग
  3. डिवाइस ड्राइवर विकास
  1. ऐच्छिक (केन्द्र विशिष्ट विशेषज्ञता के क्षेत्र)
  2. परियोजना एवं सेमीनार

पाठ्यक्रम के केन्द्र

यह पाठ्यक्रम इस समय नाइलिट औरंगाबाद, नाइलिट चेन्नै तथा सी-डैक हैदराबाद द्वारा चलाया जा रहा है।

पाठ्यक्रम की अवधि

छह महीने का पूर्ण कालिक पाठ्यक्रम (सिद्धान्त+प्रैक्टिकल), 30 घंटे/सप्ताह।

पाठ्यक्रम की फीस

पाठ्यक्रम की फीस 46,000/- रु. है (सभी कर सहित)। अनुसूचित जाति/जनजाति के विद्यार्थियों के लिए आरक्षण तथा फीस में छूट भारत सरकार के नियमों के अनुसार है।   

डीईपीडी पाठ्यक्रम की मुख्य बातें

  • पाठ्य विषय अग्रणी शैक्षिक संस्थानों तथा उद्योग के विशेषज्ञों के सहयोग से तैयार किया गया है।
  • प्रैक्टिकलों तथा कार्य के माध्यम से अनुभव के सत्र।
  • प्रोयगशाला की पर्याप्त सुविधा।
  • तकनीकी लेखन के लिए सॉफ्ट स्किल के विवरण।
  • पूर्णतया सुसज्जित पुस्तकालय एवं साधन-सम्पन्न सुविधाएँ।

सीटों की संख्या

केन्द्र का नाम सीटों की संख्या

 नाइलिट औरंगाबाद

30

 नाइलिट चेन्नै

30

 सी-डैक हैदराबाद

30

पात्रता (डीईपीडी)

अर्हक परीक्षा में न्यूनतम 55% अंकों के साथ इलेक्ट्रॉनिकी प्रमुख (ईसीई, ईईई, ईएण्डआई आदि) में बी.ई/बी.टेक।

चयन की प्रक्रिया (डीईपीडी) 

चयन की प्रक्रिया तीनों केन्द्रों - नाइलिट औरंगाबाद, नाइलिट चेन्नै तथा सी-डैक हैदराबाद में आयोजित सामान्य प्रवेश परीक्षा तथा इन केन्द्रों द्वारा अपनाई गई मानक कार्य पद्धतियों पर आधारित होगी। 

डीईपीडी पाठ्यक्रम के लिए प्रवेश परीक्षा की पाठ्यचर्या

इलेक्ट्रॉनिकी के मौलिक सिद्धान्त (सक्रिय एवं निष्क्रिय युक्तियाँ, बीजेटी, मॉसफेट, ओपी-एएमपी, आदि), परिपथ के सिद्धान्त (आरएलसी परिपथ, नेटवर्क थ्योरम, डायोड तथा ट्रांजिस्टर आधारित परिपथों के मूल तत्व), डिजिटल डिजाइन तथा प्रोसेसर के मौलिक सिद्धान्त (संयोजन एवं क्रमिक परिपथ, प्रोसेसर के मौलिक सिद्धान्त), संयोजन के सिद्धान्त (एनालॉग एवं डिजिटल संचार), सी प्रोग्रामिंग के मौलिक सिद्धान्त।       

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